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Vishwanath Colony

Maha Shivratri Programme celebrated in Vishwanath Center

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Chhatarpur

जिला जेल में ब्रह्माकुमारी बहनों ने मनाया रक्षाबंधन का पावन पर्व

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छतरपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था, छतरपुर द्वारा जिला जेल में आध्यात्मिक एवं आत्मीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने जेल में निरुद्ध बंदियों, जेल अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक ज्ञान भी साझा किया गया तथा सभी का मुंह मीठा कराया गया।

कार्यक्रम में बी.के. रमा बहन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के सांसारिक रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच के पवित्र संबंध की अनुभूति कराने वाला दिव्य अवसर है। राखी का यह पवित्र धागा हमें बाहरी रिश्तों के साथ-साथ अपने भीतर की पवित्रता, शांति और श्रेष्ठ संस्कारों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि सच्ची रक्षा केवल शरीर की नहीं, बल्कि मन और बुद्धि की भी होती है। जब हमारे विचार पवित्र होते हैं, भावनाएं श्रेष्ठ होती हैं और कर्मों में शुद्धता आती है, तभी जीवन में वास्तविक सुख और शांति का अनुभव होता है। रक्षाबंधन का यह रक्षा सूत्र हमें संकल्प दिलाता है कि हम अपने जीवन को व्यसनों, नकारात्मक विचारों और बुराइयों से दूर रखते हुए श्रेष्ठ कर्मों की ओर बढ़ें।

बी.के. रमा बहन ने कहा कि परमात्मा का साथ जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। राखी का यह पवित्र सूत्र हमें निरंतर यह स्मृति दिलाता है कि परमात्मा सदैव हमारे साथ हैं। जब मनुष्य परमात्मा को अपना सच्चा सहारा और रक्षक मानकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संकल्प लेता है, तो उसके विचारों में शुद्धता, व्यवहार में मधुरता और कर्मों में श्रेष्ठता आने लगती है। यही रक्षाबंधन का वास्तविक आध्यात्मिक संदेश है।

इस अवसर पर जिला जेलर योगेंद्र परमार ने ब्रह्माकुमारी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का यह आध्यात्मिक स्वरूप मन को सुख, शांति और आत्मीयता का अनुभव कराता है। आध्यात्मिक बंधन में बंधना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने जेल परिसर में इस प्रकार के सकारात्मक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से बी.के. जोती बहन, बी.के. लक्ष्मण अग्रवाल, बी.के. ओमप्रकाश अग्रवाल, बी.के. अविदा एवं बी.के. प्रभा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी बहनों ने जिला जेल में उपस्थित सभी बंदियों को राखी बांधी और उनका मुंह मीठा कराया। जेल में तैनात पुलिसकर्मियों एवं जेलर को भी राखी बांधकर प्रसाद वितरित किया गया। रक्षाबंधन के गीतों से जेल परिसर का वातावरण भावपूर्ण और आनंदमय हो गया।

राखी बंधवाते समय अनेक बंदियों को अपनी बहनों और परिवारजनों की याद आई। सभी ने प्रसन्नता के साथ राखी बंधवाई और ब्रह्माकुमारी बहनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने जेल परिसर में प्रेम, भाईचारे, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संदेश दिया।

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Chhatarpur

अग्रवाल समाज के लिए आयोजित कार्यक्रम

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ब्रह्माकुमारीज़ विश्वनाथ सेवाकेंद्र द्वारा महालक्ष्मी मंदिर में अग्रवाल समाज के लिए आयोजित कार्यक्रम

 धर्म वह जो धारणा में दिखाई दे – ब्रह्माकुमारीज़

 आदि सनातन देवी देवता धर्म के संस्कार भरने का कार्य शिव परमात्मा कर रहे हैं

– बीके शैलजा

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय विश्वनाथ सेवाकेंद्र द्वारा महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में आध्यात्मिक अलख जगाकर एक दिव्य समाज बनाने के उद्देश्य से महालक्ष्मी मंदिर में अग्रवाल समाज के निमंत्रण पर ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अग्रसेन सेवा आश्रम पब्लिक ट्रस्ट अध्यक्ष जयनारायण अग्रवाल, ट्रस्ट सचिव उमाशंकर अग्रवाल, ट्रस्ट प्रबंधक संतोष अग्रवाल, वरिष्ठ पत्रकार एवं जिला अग्रवाल समाज संरक्षक हरि अग्रवाल, कार्यवाहक अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष देवेंद्र अग्रवाल सहित अग्रवाल समाज के समस्त गणमान्य भाई बहनें उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम में छतरपुर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शैलजा ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म वह जो जीवन की धारणा में हो। आज हम धार्मिक हैं,अनुष्ठान करते, पूजा पाठ करते, हम सब कुछ करते परंतु वह धर्म की धारणाएं जीवन में दिखाई नहीं देती और इसी समय को धर्म की ग्लानि का समय कहा गया है। मंदिर बहुत है, भक्ति बहुत है और भी बहुत प्रकार की सेवाएं चलती हैं लेकिन उतना ही मनुष्य का जीवन गिरता जा रहा है। काम, क्रोध, लोभ वह अपनी अति तक पहुंच चुका है तो ऐसे समय पर सत्य सनातन धर्म की पुनर्स्थापना के लिए स्वयं परमात्मा पिता को आना पड़ता है यह किसी मनुष्य की ताकत नहीं है जो सनातन धर्म को पुनः स्थापित कर दे। सृष्टि का जो चक्र है कहते हैं सृष्टि का विनाश कभी नहीं होता आत्मा और परमात्मा पिता भी अजर अमर अविनाशी सत्ता है तो उसके द्वारा रची हुई यह सृष्टि भी अविनाशी है इसका चक्र अविरल घूमता रहता है और इसका परिवर्तन होता है। तो यह परिवर्तन काल चल रहा है और परमात्मा आदि सनातन देवी देवता धर्म जिसको आज हमने हिंदू कह दिया है लेकिन हिंदुत्व के जो संस्कार थे वह भी आज हमारे जीवन से विलुप्त होते जा रहे हैं, भगवान इस चीज को फिर से भरने के लिए आए हैं। परमात्मा पिता इस कलयुग के अंतिम चरण में अवतरित होकर हमें सत्य सनातन धर्म की शिक्षा दे रहे है, हमारे अंदर सनातन धर्म के संस्कार दिव्यता, पवित्रता, सद्भावना भर रहे हैं।

कार्यक्रम की शुरुआत शिव भोलेनाथ की आरती तथा जीवन में आध्यात्मिक अलख जगाने की शुभ आशा को लेकर दीप प्रज्वलित किए गए तत्पश्चात कु.अंजली, खुशबू, पंकज चौबे, अवधेश भाई, सत्यम, शौर्य भाई के द्वारा परमात्मा का सत्य परिचय नामक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई।

विश्वनाथ सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रमा ने कहा कि परमात्मा शिव सर्व आत्माओं की ज्योति जगाने वाला स्वयं ज्योतिबिंदु रूप है जो सर्व के जीवन से अज्ञानता अंधकार मिटाकर ज्ञान का प्रकाश करता है।

इस मौके पर बीके रीना, रीमा, कल्पना बहन सहित ब्रह्माकुमारी से जुड़े भाई बहनें भी उपस्थित रहे।

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आध्यात्मिक रूप की पहचान देने हेतु श्री गणेश उत्सव मनाया गया

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श्री गणेश का स्वरुप हमें सिखाता है बोलना कम, सुनना ज्यादा और जो सुना है उसे धारण करना।
विश्वनाथ सेवाकेंद्र पर श्री गणेश चतुर्थी का आयोजन बड़ी धूम-धाम से किया गया

 प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय छतरपुर विश्वनाथ कालोनी  सेवाकेंद्र द्वारा मिट्टी के श्री गणेश की बड़े ही धूमधाम से प्रतिमा स्थापित कर श्री गणेश का अध्यात्मिक रहस्य बताने की लिए छतरपुर किशोर सागर
सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शैलजा बहन जी को आमंत्रित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बुद्धि के देवता श्री गणेश की आरती तिलक, वंदन से की गई तत्पश्चात आदरणीय ब्रह्माकुमारी शैलजा बहन जी ने कहा कि श्री गणेश को मुंह छोटा और कान बड़े दिए जिसका मतलब है कम बोलना है, ज्यादा सुनना है और पेट बड़ा है माना जो सुना है उसको बड़ी ही धैर्यता से अपने अंदर समाना है। हाथ में मोदक लिए हैं लेकिन खाते हुए या आधा नहीं दिखाया इसका मतलब है कि मधुरता पसंद है मुख में मधुरता और दिल में सबके प्रति शुभकामनाएं, शुभ भावनाएं हो।
आज विसर्जन के दिन विश्वनाथ सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रमा ने श्री गणेश जी को पुष्प माला पहनाकर बड़ी ही श्रद्धा से आरती की और उनको भोग स्वीकार कराया तत्पश्चात सभी भाई बहनों ने मिलकर बड़ी ही प्रसन्नता और भावना से श्री गणेश जी को विदाई दी और अगले बरस जल्दी आने की प्रार्थना की।
इस मौके पर बीके आरती, बीके सपना, ज्योति, वर्षा बहन सहित सभी भाई बहनें उपस्थित रहे।

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Brahma Kumaris Chhatarpur