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कल्पतरुह फेस्टिवल का किया गया आयोजन

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कल्पतरुह फेस्टिवल का किया गया आयोजन – ब्रह्माकुमारीज़

ब्रह्माकुमारीज़ के कल्पतरुह अभियान के तहत पेप्टिक टाउन में किया गया पौधारोपण

छतरपुर । सम्पूर्ण मानवता का अस्तित्व केवल प्रकृति पर है इसलिए स्वस्थ्य और सुरक्षित पर्यावरण के बिना सुखमय मानव समाज की कल्पना अधूरी है इसलिए हमें प्रकृति के प्रति अपने महत्वपूर्ण कर्तव्य को सही ढ़ंग से निभाना होगा स्थानीय ब्रह्माकुमारीज़ विश्वनाथ कॉलोनी शाखा द्वारा प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी सुनिश्चित करने और प्रकृति को सुखद व सुंदर बनाने हेतु संस्था के द्वारा चलायें जा रहे कल्पतरुह अभियान के तहत छतरपुर के पेप्टिक टाउन में जगह-जगह जाकर पौधारोपण किया गया । इसी क्रम में बीके भारती ने बताया कि ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों, प्रोजेक्ट्स, नाटक द्वारा जन –जन तक इसे पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है ।

कल्पतरुह फेस्टिवल के अंतर्गत पेप्टिक टाउन में एक शांति पूर्वक रैली का आयोजन किया गया जिसका नेतृत्व छोटे-छोटे बाल बालिकाओं ने चित्रकला द्वारा पेड़ों का संरक्षण करने का आग्रह किया एवं महिलाएं ने रैली में चलते हुए सभी पेप्टिक टाउन निवासियों को पौधा वितरण किया, रैली में शामिल सभी भाई बहनों को संकल्प के साथ शपथ दिलाई की हर एक व्यक्ति एक एक पौधा जरूर लगाएं और उसका संरक्षण स्वयं करे, क्योंकि आज विश्व ग्लोबिंग वार्मिंग से जूझ रहा है ।

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा इस प्रोजेक्ट में पशु, पंछी व सभी प्राणियों के प्रति दया भाव का विकास, अक्षय ऊर्जा का प्रयोग, गौ रक्षा, विषैले रसायनों से मुक्ति, भारतीय संस्कृति का संरक्षण, शाश्वत यौगिक खेती के नवीनतम प्रयोग आदि भी सम्मलित है संस्था द्वारा सभी को इससे जुड़ने का आह्वान किया गया है ।

इस अवसर पर विशेष रुप से जनपद असिस्टेंट अकाउंटेंट श्रीराम चतुर्वेदी, आईटी इंजीनियर बृजेश मिश्रा, व्यापारी सावंत गुप्ता, व्यापारी महेंद्र चौरसिया, अंजू निरंजन, परमजीत कौर, कल्पना शर्मा,  तनु गुप्ता, स्मृति यादव, नेहा चतुर्वेदी, ट्विंकल नागर, पल्लवी मिश्रा, किरण कुशवाहा, पूर्वी, परिधि, सेजल, पार्थ मिश्रा, बीके रुकमणी, बीके कपिल आदि उपस्थित रहे ।

 

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जिला जेल में ब्रह्माकुमारी बहनों ने मनाया रक्षाबंधन का पावन पर्व

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छतरपुर। रक्षाबंधन के पावन पर्व के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था, छतरपुर द्वारा जिला जेल में आध्यात्मिक एवं आत्मीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी बहनों ने जेल में निरुद्ध बंदियों, जेल अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर प्रेम, भाईचारे और सकारात्मक जीवन का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक ज्ञान भी साझा किया गया तथा सभी का मुंह मीठा कराया गया।

कार्यक्रम में बी.के. रमा बहन ने रक्षाबंधन के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के सांसारिक रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के बीच के पवित्र संबंध की अनुभूति कराने वाला दिव्य अवसर है। राखी का यह पवित्र धागा हमें बाहरी रिश्तों के साथ-साथ अपने भीतर की पवित्रता, शांति और श्रेष्ठ संस्कारों को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि सच्ची रक्षा केवल शरीर की नहीं, बल्कि मन और बुद्धि की भी होती है। जब हमारे विचार पवित्र होते हैं, भावनाएं श्रेष्ठ होती हैं और कर्मों में शुद्धता आती है, तभी जीवन में वास्तविक सुख और शांति का अनुभव होता है। रक्षाबंधन का यह रक्षा सूत्र हमें संकल्प दिलाता है कि हम अपने जीवन को व्यसनों, नकारात्मक विचारों और बुराइयों से दूर रखते हुए श्रेष्ठ कर्मों की ओर बढ़ें।

बी.के. रमा बहन ने कहा कि परमात्मा का साथ जीवन की सबसे बड़ी शक्ति है। राखी का यह पवित्र सूत्र हमें निरंतर यह स्मृति दिलाता है कि परमात्मा सदैव हमारे साथ हैं। जब मनुष्य परमात्मा को अपना सच्चा सहारा और रक्षक मानकर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संकल्प लेता है, तो उसके विचारों में शुद्धता, व्यवहार में मधुरता और कर्मों में श्रेष्ठता आने लगती है। यही रक्षाबंधन का वास्तविक आध्यात्मिक संदेश है।

इस अवसर पर जिला जेलर योगेंद्र परमार ने ब्रह्माकुमारी बहनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रक्षाबंधन का यह आध्यात्मिक स्वरूप मन को सुख, शांति और आत्मीयता का अनुभव कराता है। आध्यात्मिक बंधन में बंधना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने जेल परिसर में इस प्रकार के सकारात्मक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम के आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से बी.के. जोती बहन, बी.के. लक्ष्मण अग्रवाल, बी.के. ओमप्रकाश अग्रवाल, बी.के. अविदा एवं बी.के. प्रभा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में ब्रह्माकुमारी बहनों ने जिला जेल में उपस्थित सभी बंदियों को राखी बांधी और उनका मुंह मीठा कराया। जेल में तैनात पुलिसकर्मियों एवं जेलर को भी राखी बांधकर प्रसाद वितरित किया गया। रक्षाबंधन के गीतों से जेल परिसर का वातावरण भावपूर्ण और आनंदमय हो गया।

राखी बंधवाते समय अनेक बंदियों को अपनी बहनों और परिवारजनों की याद आई। सभी ने प्रसन्नता के साथ राखी बंधवाई और ब्रह्माकुमारी बहनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम ने जेल परिसर में प्रेम, भाईचारे, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक चेतना का सुंदर संदेश दिया।

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अपनी कथनी और करनी को एक बनाकर ही ईश्वर को प्रसन्न किया जा सकता है – ब्रह्मा कुमारीज

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भगवान को केवल श्लोक चौपाई और चालीसा सुनाने से प्रसन्न नहीं किया जा सकता बल्कि उनको प्रसन्न करने के लिए अपनी कथनी और करनी को एक बनाना होगा। हम जो हैं जैसे हैं वैसे हम भगवान के सामने जाएं और जो हमारे अंदर है वही हम भगवान को सुनाएं। बनावटीपन भगवान को बिल्कुल पसंद नहीं है इसीलिए ईश्वर को प्रसन्न करने के लिए बाहर की खूबसूरती के पहले अंदर की खूबसूरती की आवश्यकता है।

 उक्त विचार बाईपास रोड स्थित बगराजन मंदिर में गहोई समाज की महिलाओं द्वारा हरियाली तीज के उपलक्ष्य में सद्भावना और एकता की भावना जागृत करने है हेतु आयोजित कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी कल्पना बहन ने व्यक्त किए।

  इस कार्यक्रम में गहोई समाज की सभी महिलाओं ने ब्रह्माकुमारी बहनों को आमंत्रित किया और इस अवसर पर बहनों ने 22 से 25 अगस्त तक होने वाले रक्तदान अभियान के विषय में भी सभी को बताया और रक्तदान के प्रति प्रेरित किया।

 इस कार्यक्रम में गहोई समाज महिला मंडल अध्यक्ष मंजू बिलैया, उपाध्यक्ष रश्मि रूसिया, कोषाध्यक्ष कल्पना रावत, सचिन प्रिया रावत सहित सभी गहोई समाज की महिलाएं सम्मिलित रही।

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बक्सवाहा के ग्राम बीरमपुरा में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित

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ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा बक्सवाहा के ग्राम बीरमपुरा में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम

नशे से व्यक्ति का जीवन, परिवार और समाज तीनों प्रभावित होते हैं – बीके रमा

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा बक्सवाहा के ग्राम बीरमपुरा में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ग्राम वासियों के लिए एक प्रेरणादाई कार्यक्रम आयोजित किया गया

इस अवसर पर छतरपुर विश्वनाथ सेवा केंद्र प्रभारी बीके रमा ने कहा कि “नशा केवल शरीर ही नहीं, आत्मा को भी कमजोर करता है। इससे व्यक्ति का जीवन, परिवार और समाज तीनों प्रभावित होते हैं।” उन्होंने सभी को नशा मुक्त जीवन की प्रतिज्ञा कराई और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया।

बीके पूनम ने राजयोग ध्यान के माध्यम से मन को शांत व सशक्त बनाने के तरीके बताए। ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नशा छोड़ने की प्रतिज्ञा ली।

इस अभियान के माध्यम से संस्था का उद्देश्य है कि भारत को नशा मुक्त बनाकर एक स्वस्थ, सुखी और नैतिक समाज की स्थापना की जा सके।

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Brahma Kumaris Chhatarpur